कानपुर के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नौ बैंक लॉकर से करोड़ों के जेवरात चोरी होने के मामले में मास्टरमाइंड ने सरेंडर कर दिया. लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय ने फीलखाना थाना पहुंच कर सरेंडर कर दिया. पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी.
कौन कौन हुआ गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि लॉकर से जेवर चोरी होने की घटना में बैंक के मैनेजर राम प्रसाद, लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय के अलावा लाकर मेंटीनेंस कंपनी का कर्मचारी चंद्रप्रकाश और उसके तीन अन्य सहयोगी शामिल हैं. पुलिस ने बैंक मैनेजर रामप्रसाद, करनराज, राकेश एवं रमेश को को जेल भेज दिया. इनके पास से 250 ग्राम जेवरात बरामद किए गए थे.
क्या था शुभम को डर पुलिस का
इसके अलावा लॉकर इंचार्ज शुभम मालवीय व चंद्रप्रकाश का भाई फरार था. पुलिस शुभम को कोर्ट में पेश कर उसकी पुलिस कस्टडी रिमांड मांगेगी. शुभम मालवीय पुलिस की गिरफ्त में खुद ही नहीं पहुंचा. असल में वह पुलिस के लंगड़ा अभियान से डरा हुआ है. उसे डर था कि अगर वह ज्यादा दिनों तक फरार रहेगा तो पुलिस उसके खिलाफ इनाम की घोषणा कर सकती है. उसके बाद उसे लंगड़ा भी किया जा सकता है.
क्या बोली कानपुर पुलिस
फीलखाना थाना क्षेत्र में जो बैंक लॉकर संबंधित प्रकरण था. उसमें ये अपडेट है कि जिसमें एक अभियुक्त है, शुभम मालवीय जिसको लेकर उसके घर और रिश्तेदारों के घरों में हम लगातार दबिश दे रहे थे. इसी के प्रेशर में आकर उसने थाने में आकर सरेंडर किया है. उसको गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ कर रहे हैं. बाकि जो अभियुक्त है वो जेल में हैं. इस मामले में सभी अभियुक्तों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा. सभी से कड़ी पूछताछ कर पूरे प्रकरण की कड़ी को जोडेंगे. जितनी भी पॉसिबल रिकवरी है उसे करवाया जाएगा.