कानपुर एसटीएफ बन दबिश देकर वसूली का खेल करने के मामले में क्राइम ब्रांच में तैनात रहे सात पुलिसकर्मियों को संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने शुक्रवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया है वहीं एक एसआई समेत सात सिपाहियों को थानों, ट्रैफिक पुलिस और डायल-112 में तैनाती मिली है।
एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) से बताते थे
लंबे समय से क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों का नया खेल उजागर हुआ जिसमें ये पुलिसकर्मी शहर में अलग-अलग जगह दबिश देकर जब लोगों को उठाते हैं तो खुद को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) से बताते थे। पिछले कुछ दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं इसका खुलासा तब हुआ जब उठाए गए लोगों के परिजनों ने एसटीएफ से संपर्क किया खुद एसटीएफ अफसर भी इससे परेशान थे।
ज्यादा एसटीएफ का खौफ रहता है
आमतौर पर एसटीएफ बड़े गुडवर्क करती है जिससे अपराधियों व और आम लोगों में पुलिस से ज्यादा एसटीएफ का खौफ रहता है इसी का क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों ने फायदा उठाया। मामले में संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कार्रवाई करते हुए एसआई शुभम यादव, हेडकांस्टेबल शमशाद अली, शिववीर सिंह, रवि कुमार, सिपाही लाखन सिंह, अंकुर भदौरिया व देवांश सिरोही को लाइनहाजिर किया है। वहीं थाना सीसामऊ से एसआई विक्रम सिंह को अपराध शाखा, चकेरी से हेडकांस्टेबल विनोद कुमार,कर्नलगंज से प्रदीप सिंह, स्वरूप नगर से शीतांश को अपराध शाखा भेजा है।