कानपुर शहर में पालतू जानवरों की अवैध खरीद-बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। इस कारोबार से जुड़े लोगों का न तो पशुपालन विभाग में कोई रजिस्ट्रेशन है और न ही किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से संबद्धता इस काले कारोबार पर रोक लगाने के लिए पशुपालन विभाग कमेटी बनाकर इन दुकानों का सत्यापन कराने जा रहा है। अवैध पेट्स शॉप को सील किया जाएगा।
शहर में एक भी पेट्स शॉप रजिस्टर्ड नहीं है
शासन के निर्देश पर उपमुख्य पशु चिकित्सक सुधीर कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। डॉ. सुधीर के मुताबिक वर्तमान में शहर में एक भी पेट्स शॉप रजिस्टर्ड नहीं है। सभी गैरकानूनी तरीके से कारोबार कर रहे हैं। हालांकि गुरुवार तक विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग के कार्यालय में लाइसेंस बनवाने के लिए 14 लोगों ने आवेदन किया है। जल्द ही इनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। सब कुछ सही रहा तो लाइसेंस जारी कर दिया जाएगा।
व्हाटसअप पर खरीद-फरोख्त
कमेटी के सदस्य डॉ. कुलदीप ने बताया कि कई लोग तो व्हाटसअप पर कानपुर डॉग्स ब्रीडर प्वाइंट, कानपुर बेस्ट डॉग ग्रुप, कानपुर डॉग्स बाय एंड सेल, डॉग ब्रीडर और डॉग्स लवर, अपने डॉग्स और पेट लवर लखनऊ टू कानपुर जैसे ग्रुप के माध्यम से अवैध व्यापार चला रहे हैं। इन्हें रजिस्ट्रेशन कराने पर पांच साल के लिए पांच हजार रुपये फीस देनी पड़ेगी।



