उत्तर प्रदेश में योगी सरकार भूमाफिया के खिलाफ जहाँ एक तरफ लगातार शिकंजा कस रही है और यूपी में भू-माफियाओं पर बाबा का बुलडोजर गरज रहा है। वहीं दूसरी बार बाबा के मुख्यमंत्री बनते ही भूमाफिया के खिलाफ कार्यवाही में तेजी आई है वहीं कानपुर के मकसूदाबाद में 200 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा करने के मामले में बड़े भू माफियाओं के नाम तहसील में दबा दिए गए कैसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी
नाम ना छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि एग्जक्यूटिव संदीप कुशवाहा को पचाने में लगा है सरकारी अमला आखिर कैसे
एक तरफ जहां योगी सरकार अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कड़ा रुख अपना कर उनके कब्जे हटवाने के लिए लगातार बुलडोजर चलवा रही है। वहीं दूसरी तरफ भू माफिया अवैध रूप से 200 करोड़ की सरकारी जमीनों पर कब्जा जमाने का प्रयास करने में जुटे हुए थे कैसे मकसूदाबाद में 200 करोड़ों रुपए के सरकारी जमीन घोटाले मामले में सदर तहसील की भूमिका भी सवालिया निशान उठा रही है जानबूझकर छोड़े गए एक दर्जन से ज्यादा राजनैतिक सरक्षण वाले प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ रिपोर्ट भेजने के बावजूद डीएम के पास नहीं पहुंची पूरी मिलीभगत से इन भू माफियाओं के बचाने के लिए खेल जारी रहा है सूत्रों की माने तो जबकि सभी ने मकसूदाबाद में सरकारी जमीन पर फर्जीवाड़ा किया सभी के नाम तहसील में पहुंचते ही दबा दिए गए क्योंकि उसमें कई पक्ष और विपक्ष के नेताओं के नाम थे उसके बाद भी अधिकारियों ने इन लोगों को भूमाफिया क्यों नहीं बनाया
भू माफियाओं के साथ कब्जा करने में कुछ सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले टीचर भी 200 करोड़ रुपए की जमीन पर कब्जा करने में जुटे हुए थे
योगी राज 2.0 में सरकार अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला रही है वहीं, कानपुर में 200 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा कौन कौन कर रहा था मकसूदाबाद की 200 करोड़ रुपए की 105 बीघा जमीन में सिर्फ 15 प्रॉपर्टी डीलरो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई 8 को भूमाफिया बनाया गया सूत्रों की माने तो बाकी एक दर्जन से ज्यादा सत्ता के लोगों को छोड़ दिया गया डीएम के आदेश पर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार की गई थी इसके बावजूद उसे कलेक्ट्रेट तक भेजा नहीं गया क्योंकि उसमे कई बड़े प्रॉपर्टी डीलरों के नाम है जो कानपुर के साथ साथ उन्नाव और कानपुर देहात में भी प्रॉपर्टी का काम करते हैं आखिर अफसर इन बड़े भूमाफिया को क्यों बचाना चाहते हैं योगी आदित्यनाथ जी कहीं इन भू माफियाओं ने अफसरों को मैंनेज तो नहीं कर लिया है
सूत्रों की माने तो इन प्रॉपर्टी डीलरों को बचाया जा रहा है
फजलगंज फैक्ट्री एरिया निवासी कृष्ण कुमार वाधवा, दिलीप यादव ,शैलेंद्र शुक्ला , मान सिंह,और भी कई नाम है बड़े लोगो के लेकिन सबसे बड़ा नाम आ रहा है आनंदेश्वर इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के चीफ एग्जक्यूटिव संदीप कुशवाहा को बचाने का एग्जक्यूटिव संदीप कुशवाहा को बचाने का काम जोरों से चल रहा है सूत्रों की माने तो उसने ऊपर से लेकर नीचे तक अधिकारियों को मैनेज करने के लिए लगा रखा सूत्र बता रहे हैं कि संदीप कुशवाहा ने काकादेव क्षेत्र में कोचिंग चलाने वाले टीचरों को भी मामले को मैनेज करने के लिए लगा रखा है लेकिन योगी आदित्यनाथ के राज में भू माफियाओं पर आखिर कब कार्रवाई होगी यह एक बड़ा सवाल उठाता है
200 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन बेचने में रसूखदार भी फंसे बचाने में लगा सरकारी अमला
मकसूदाबाद में फर्जीवाड़ा कर 200 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन बेचने मे कुछ रसूखदार भी घेरे में आ गए हैं इस खुलासे के बाद डीएम ने कार्रवाई का आदेश दिया है सांठगांठ के बाद घूम रहे प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ नए सिरे से जांच के आदेश की बात कही गई है उन पर रिपोर्ट दर्ज कर उनको भी भू माफिया घोषित किया जाएगा
एफआईआर और भू माफियाओं की लिस्ट से कैसे बचे बड़े सिंडीकेट के लोग
सरकारी जमीन बेचने के मामले में दर्ज एफआईआर में खेल किया गया राजनीतिक संरक्षण प्राप्त प्रॉपर्टी डीलरों को एफआईआर के साथ-साथ भू माफियाओं की सूची से बाहर किसने किया तहसील प्रशासन ने फिर से कवायद शुरू की है जल्दी ही सूची में कई और बड़े नाम जोड़े जाएंगे लेकिन योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद भी कौन लोग हैं जो इन भू माफियाओं को खुला संरक्षण दे रहे हैं क्या आखिर संरक्षण देने वाले लोगों पर कार्रवाई होगी ।