उत्तर प्रदेश के कानपुर में करौली सरकार उर्फ डॉ. संतोष सिंह भदौरिया के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। नोएडा के रहने वाले एक डॉक्टर ने उन पर मारपीट का आरोप लगाया है डॉक्टर का दावा है कि करौली सरकार के चमत्कार का विरोध करने पर उन्होंने अपने गुर्गों से उसे पिटवाया और नाक की हड्डी भी तोड़ दी। डॉक्टर ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर अपनी व्यथा बताई, जिसके बाद इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, करौली सरकार ने डॉक्टर के आरोपों को खारिज किया है बता दें कानपुर में बिधनू स्थित लवकुश आश्रम के करौली सरकार झाड़फूंक और विशेष अनुष्ठान कराकर लोगों की समस्याएं दूर करने का दावा करते हैं। बाबा के दरबार में दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं और अपनी समस्याएं उन्हें बताते हैं। करौली सरकार के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं।
22 फरवरी की है घटना
करौली सरकार के खिलाफ यह मामला 22 फरवरी का है। नोएडा के रहने वाले डॉ. सिद्धार्थ चौधरी का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर बाबा के कई वीडियो देखे थे। उनके चमत्कारों से प्रभावित होकर वह अपने पिता वीएस चौधरी, मां रेनू चौधरी और पत्नी प्रियंका चौधरी के साथ पिछले महीने 22 फरवरी को करौली सरकार का आशीर्वाद लेने उनके दरबार में पहुंचे थे। दावा है कि उन्होंने बाबा से मुलाकात के लिए 2600 रुपये की पर्ची भी कटवाई थी। इसके बाद वह शाम चार बजे बाबा के दरबार में पेश हुए थे।
बाबा के चमत्कार का नहीं हुआ असर
डॉक्टर सिद्धार्थ ने बताया कि बाबा के सामने पहुंचकर उन्होंने अपनी समस्याएं बताईं। इसके बाद बाबा ने माइक से फूंक मारते हुए ओम शिव बैलेंस बोला, लेकिन इसका मुझ पर कोई असर नहीं हुआ। जब मैंने यह बात बाबा को बताई, तो उन्होंने दोबारा ओम शिव बैलेंस बोलकर फूंक मारी, लेकिन इस बार भी मुझ पर कोई असर नहीं हुआ। यह बात मैंने बाबा को बताई, तो उन्होंने पगलैट कहते हुए अपने गुर्गों को इशारा किया, जिसके बाद वे मुझे एक कमरे में ले गए और मेरे साथ मारपीट की ओर नाक की हड्डी भी तोड़ दी।
पुलिस कमिश्नर से की शिकायत
डॉक्टर ने इस मामले में कानपुर पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बाबा के दरबार के फोटो और वीडयो भी दिखाए हैं और बाबा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। डॉ सिद्धार्थ चौधरी ने बाबा के सेवादारों के खिलाफ मारपीट और गालीगलौज का आरोप लगाया है। उधर, करौली सरकार का कहना है कि ऐसी कोई भी घटना नहीं हुई है। उनको और सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की जा रही