यूपी के कानपुर में घर और दुकान की छतों पर लगे भारी होर्डिंग कभी भी हादसा को न्योता दे सकते हैं। शहर में मुख्य चौराहों से काकादेव कोचिंग मण्डी क्षेत्र की हर गलियों में छतों पर ये होर्डिंग खतरे की घंटी बनकर लगे हुए हैं। जो पूरी तरह से अवैध हैं। वो इसलिए क्योंकि नगर निगम से न तो इसके लिए किसी तरह की कोई अनुमति ली गई है और न ही अनापत्ति प्रमाण पत्र। हैरत की बात यह है कि जिम्मेदारों ने भी अपनी आंखों पर पट्टी बांध रखी है और दबंग कोचिंग संचालक खुलेआम अवैध होडिग लगाकर राजस्व का नुकसान कर रहे हैं
पैसे के लालच में लगा रखी कोचिंग संस्थानों की कई अवैध होडिग
काकादेव क्षेत्र में कई दुकानों और घरों के ऊपर लोहे के भारी-भरकम होर्डिंग फ्रेम लगे हुए हैं। इसके अलावा कानपुर स्टेशन रोड और कल्याणपूर पर बनी दुकानों पर होर्डिंग फ्रेम सजे हैं। जिनका वजन क्विंटलों में है। इन फ्रेम पर होर्डिंग लगवाने के लिए मकान मालिक किराया वसूलते हैं। जो पूरी तरह से अवैध है। मानक के अनुसार किसी भी मकान या दुकान पर पहले नगर निगम से अनुमति और अनापत्ति प्रमाण (एनओसी) लेना आवश्यक होता है। लेकिन, जिले में सारे नियमों को ताक पर रखा कर काकादेव कोचिंग संस्थान के कई टीचर और घरों के लोग पैसे के लालच में अवैध होडिग तंगकर जिम्मेदारों की आंखों के नीचे मनमानी कर रहे हैं
समय रहते नहीं हटाई गई अवैध होर्डिंग तो हो सकता है बड़ा हादसा
घर या दुकान की छत पर होर्डिंग फ्रेम लगवाने के लिए नगर निगम से अनुमति लेनी होती है। इसके लिए विभागीय अभियंता निरीक्षण कर बिल्डिंग की मौजूदा स्थिति का परीक्षण करते हैं। साथ ही बिल्डिंग की वजन सहने की क्षमता का भी आंकलन किया जाता है। इसके बाद ही मकान और दुकान स्वामी को अनुमति दी जाती है लेकिन काकादेव क्षेत्र में ऐसे कोई भी मानक पूरे नहीं है यहां पर कोचिंग संचालक मनमाने ढंग से अवैध होर्डिंग पोस्टर लगाकर लोगों की जान से खेल रहे हैं अब नगर निगम और उसके अधिकारी क्या इन दबंग वोटिंग संचालकों पर कार्रवाई करेंगे यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन वक्त रहते अगर इन होर्डिंग को नहीं हटाया गया तो लखनऊ की तरीके कानपुर में भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है