कानपुर देहात में प्राथमिक विद्यालय में पेट के कीड़ों को मारने की दवा खाने के बाद एकाएक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की तबीयत नाजुक होने लगी. कीड़े मारने की दवा एलमेंडाजोल को स्वास्थ विभाग की ओर से प्राथमिक स्कूल के बच्चों को खिलाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर मुहिम चलाई जा रही थी जिसके चलते कानपुर देहात के प्राथमिक विद्यालयों में भी बच्चों को पेट के कीड़े मारने की दवा दी गई जिसके बाद एकाएक दवा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. एक के बाद एक और ऐसे करते-करते तकरीबन कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित जैनपुर प्राथमिक विद्यालय के करीब एक दर्जन बच्चों की तबीयत नाजुक हो गई जिसे देखकर स्कूल प्रबंधन के हाथ पांव फूल गए.
स्कूल में हंगामा काट दिया
बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना पर हजारों की तादाद में इकट्ठा होकर परिजनों और ग्रामीणों ने मिलकर स्कूल में हंगामा काट दिया. अपने अपने बच्चों की भी गलती हुई तबीयत को देखकर परिजनों की भी चीख पुकार निकलने लगी और बच्चों की जान माल की परवाह करते हुए लोग खिलाने लगे. बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना जैसे ही जिला प्रशासन को मिली वैसे ही प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ भारी पुलिस बल और स्वास्थ्य महकमे की टीम के साथ प्राथमिक विद्यालय जयपुर पहुंच गया. लेकिन स्कूल में अपने बच्चों की बिगड़ती हुई हालत को देखकर परिजन अपना आपा खो बैठे और लगातार स्कूल प्रबंधन पर जोर जोर से चिल्लाने लगे. हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने आनन-फानन में पहले तो मौके से बच्चों को पुलिस की गाड़ी में भरकर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था करें और जल्द से जल्द उन्हें कानपुर देहात के जिला अस्पताल पहुंचाने लगे.
परिजनों ने क्या कहा
परिजनों की माने तो स्कूल की टीचरों और प्रधानाध्यापक ने मिलकर बच्चों को जबरदस्ती पेट के कीड़े की दवा खिला दी. परिजनों का यह भी कहना है कि उनके बच्चों को दवा खिलाने से पहले उनसे एक ही बार पूछा नहीं गया और ना ही उनको इस बारे में कुछ बताया गया. जब बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी तो स्कूल प्रशासन ने सिर्फ इतना ही कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया कि बच्चों को पेट के कीड़े की दवा दी गई थी. वहीं परिजन यह भी कह रहे हैं कि बच्चों की तबीयत खराब होते ही स्कूल से तुरंत टीचर और स्टाफ मौके से भाग गया. ऐसे हालात में बच्चों की तबीयत पर किसी को तरस नहीं आया.
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने दिखाई मुस्तैदी
पूरे मामले में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मुस्तैदी भरते हुए तत्काल प्रभाव से स्कूल पहुंचकर वहां पर बीमार हुए करीब एक दर्जन बच्चों को अस्पताल पहुंचाकर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएं और वहां पर बच्चे डॉक्टर के ऑब्जर्वेशन में है लेकिन जब हम इस बाबत स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी से बात की तो उन्होंने बताया कि इस दवा का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होता है. यह दवा राष्ट्रीय स्तर के अभियान के तहत सभी स्कूल के बच्चों को दी जा रही है और यह दवा पेट में होने वाले कीड़े को मारती है. डॉक्टर ने कहा कि इसको खाने के कुछ साइड इफेक्ट होते हैं जो कि हानिकारक भी हैं. उन्होंने साफ तौर से कह दिया कि एक दो बच्चों की तबीयत हलकी फुलकी खराब हुई है बाकी सब बच्चे ठीक हैं. किसी को कोई भी समस्या नहीं है सब पूरी तरीके से स्वस्थ हैं