कानपुर होली जाते ही , सूखे नशे के कारोबार पर भी खूब रंग चढ़ने लगा है। सूखे नशे का मतलब गांजा, चरस,अफीम, स्मैक आदि से है होली के त्योहार को देखते हुए कारोबारियों ने माल का स्टॉक भी कर लिया था अपनी जेब भरने के चक्कर में सूखा नशा बेचने वाले ये माफिया न केवल महिलाओं, बच्चों से धंधा कराते हैं बल्कि स्कूली छात्रों को भी नशे का सामान मुहैया करा रहे हैं
नशे का यह कारोबार कोचिंग मंडी काकादेव , बेकनगंज की चूड़ी वाली गली , रानीघाट के गौशाला ,स्वरूप नगर पुल के नीचे तक फैला हुआ है। वर्तमान में शहर में रोजाना करीब 50 लाख रुपये के गांजा, चरस और स्मैक की खपत है। रिपोर्टर सूरज वर्मा ने शहर के ऐसे ही कुछ स्थानों पर जाकर हकीकत देखी, आप भी पढ़ें जैसा इन्होंने देखा…
होली को देखते हुए बेकनगंज में सक्रिय हुए नशा कारोबारी
सुबह 10 बजे बेकनगंज की चूड़ी वाली गली के अंदर जाते ही रिपोर्टर ने देखा यहाँ पर नशे का व्यापार बहुत जोरों से चल रहा था पुलिस ने कई बार यहां पर छापेमारी की काम बंद भी किया गया लेकिन फिर भी दबंग नशे के व्यापारी पीशु और उसका साथी बाबू ने काम चालू कर दिया बाबू शहर में गांजा चरस अफीम सप्लाई कर रहा है सूत्रों की माने तो बाबू नशे का सामान बाराबंकी से मंगा कर शहर में लोगों को बेच रहा है सूत्र बताते हैं कि बाबू शहर में नशे का तस्कर बताया जाता है वहां बजरिया क्षेत्र में रहकर पूरा सिंडिकेट चला रहा है
चेहरा देखकर जान जाती है महिलाएं कि नशा करते हो या नहीं
स्वरूप नगर पुल के नीचे का यह इलाका सूखे नशे के लिए बहुत बदनाम है जानकारी के लिए जब रिपोर्टर यहां पहुंचा तो देखा कि पुल के नीचे झोपड़ी लगाकर महिलाएं नशे का सामान बेच रही थी गांजा स्मैक धड़ल्ले से बिक रहा था नशा बेच रही महिला ने चुपचाप बताया कि हम लोगो से ये नशे का व्यापार सूरज पाल, और पप्पू पाल कर रहे हैं कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि हम यहाँ पर काफी टाइम से नशे का व्यापार कर रहे हैं और स्थानीय पुलिस के कुछ लोगो को नजराना भी भेंट करते हैं इसी लिये हम लोगो पर यहाँ कोई रोक टोक नहीं है कमिश्नर साहब नशा तस्करों पर कार्रवाई करने के बजाय स्वरूप नगर पुलिस खामोश बैठी है एक महिला ने बताया कि इस इलाके से जो भी नशे की पुलिया खरीदता है वह इंसान यहां बार-बार आता है जीटी रोड में किस तरीके से नशे का व्यापार पनप रहा है यह शायद स्वरूप नगर पुलिस को नहीं पता ?
पेट्रोल पंप के बीच में नशे के सौदागर
थाना कल्याणपुर के रावतपुर चोकी के पास डबल पुलिया पर गली के अंदर जाते ही महिला काफी सालों से नशे की पूर्णिया बेच रही है 100 रुपये का ये नशे का सामान छोटे बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग तक को दिया जा रहा है लेकिन क्यों कल्याणपुर पुलिस को इस नशे के अड्डे के बारे में जानकारी नहीं है,रिपोर्टर को
बस्ती के अन्दर जाने का रास्ता दिखाने वाले 15 साल तक के बच्चे थे। नशे के अड्डे पर पहुंचते ही एक पूर्व नेता का बोर्ड लगा पाया गया महिला घर के अन्दर से ही नशे का सामान लोगों को दे रही थी
बच्चों से लेकर महिलाएं तक लिप्त हैं इस धंधे में.कोचिंग मंडी से लेकर कॉलेज तक है सप्लाई
काकादेव थाने का टॉप टेन अपराधी जितेन्द्र कुलवंती हॉस्पिटल के सामने गांजा और चरस काफी सालों से बेच रहा है कई बार क्षेत्रीय पुलिस ने इस पर कार्रवाई की और जितेन्द्र को जेल भी भेजा लेकिन सेटिंग के दम पर इसका यह नशे का अड्डा कभी बंद नहीं हुआ जितेन्द्र बड़ा नशा तस्कर बताया जाता है जितेन्द्र पर काकादेव थाने में काफी मुकदमे भी दर्ज है और तो और जितेंद्र के साथ शहर के कई अपराधी लोग इस काम को अंजाम दे रहे हैं
नशा खरीदना है तो समय पर आओ
कोहना क्षेत्र के रानीघाट में गौशाला के पास रोहित उर्फ कुली काफी टाइम से गांजा और अफीम का व्यापार कर रहा है लेकिन स्थानीय पुलिस कान में तेल डाले बैठी हुई है क्यों पुलिस इस नशे के अड्डे पर कार्रवाई नहीं कर रही है कहीं किसी की मिली भगत से तो ये काम नही चल रहा है