कानपुर: कहते हैं दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है. जंग जीतने के लिए उसके दुश्मन के दुश्मन का इस्तेमाल किया जा सकता है. कानपुर सेन्ट्रल पर यह फॉर्मूला रेलवे के काम आ रहा है.सेन्ट्रल स्टेशन के डिप्टी सीटीएम ने प्लेटफॉर्मों पर बंदरों को भगाने के लिए कुछ ऐसे ही इंतजाम किए गए हैं.
कभी उनका सामान छीन लेते हैं
कानपुर सेन्ट्रल रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक देखने को मिलता है. अक्सर बंदर यहां पर यात्रियों को परेशान करते नजर आ जाते हैं. कभी बंदर यात्रियों को दौड़ाते हैं तो कभी उनका सामान छीन लेते हैं. कई बार बंदर यात्रियों को काट कर घायल भी कर चुके हैं. बंदरों को प्लेटफॉर्म से दूर रखने के सारे प्रयास विफल साबित होते रहे हैं. सेन्ट्रल स्टेशन के डिप्टी सीटीएम हिमांशु शेखर उपाध्याय ने प्लेटफार्म से बंदरो को भागने का नया प्लान बनाया है.
लंगूरों के कटआउट लगवा रहे हैं
दरअसल, लंगूर के सामने लाल मुंह वाले बन्दर भाग जाते है. उनकी इसी दुश्मनी का फायदा उठाने के लिए डिप्टी सीटीएम स्टेशन में जगह जगह लंगूरों के कटआउट लगवा रहे हैं. उन्होंने ऐसे पांच कटआउट अभी प्लेटफार्म पर लगवाए हैं. उनका कहना है कि हम प्लेटफॉर्म पर बंदरों से काफी परेशान हैं. सरकारी विभाग होने से हम सीधे यहां लंगूर बंदर नहीं रख सकते इसलिए लंगूर के कटआउट लगवा रहे हैं.
कोई नतीजा नहीं निकला
उन्होंने बताया कि अभी हमने जहां-जहां ऐसे कटआउट लगवाए हैं, वहां पर बन्दर कम आ रहे हैं. अब इसमें हम लंगूर के गुर्राने वाली वाइस चिप भी लगाने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि इससे पहले वन विभाग की मदद से बंदरों को पकड़ कर दूर जंगलों में छोड़ने का काम किया जा चुका है. जिसका कोई सार्थक नतीजा नहीं निकला और फिर से बंदरों की भरमार हो गई.