Friday, April 17, 2026
spot_img
HomeKanpur Newsपरमट घाट पर नहाते वक्त चार दोस्त डूबे, दो की मौत, तीन...

परमट घाट पर नहाते वक्त चार दोस्त डूबे, दो की मौत, तीन घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन

कानपुर में परमट घाट पर मंगलवार दोपहर चार दोस्त नहाते वक्त डूब गए। दो खुद ही तैर कर बाहर निकल आए जबकि दो की मौत हो गई। करीब तीन घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बाहर निकाले जा सके
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद से मृतकों के परिजन बेसुध हैं।

दोपहर करीब तीन बजे परमट घाट पर पहुंचे थे

बारादेवी निवासी अभिषेक सिंह उर्फ रिषभ (20), अभिषेक सोनी (22) अपने दोस्तों भरत व संदीप के साथ दोपहर करीब तीन बजे परमट घाट पर पहुंचे थे। चारों एक नाव पर सवार होकर बीच गंगा में पहुंचे और एक-एक कर सभी ने छलांग लगा दी। ग्वालटोली इंस्पेक्टर धनंजय सिंह ने बताया कि अभिषेक सिंह व अभिषेक सोनी तैरना नहीं जानते थे। वह दोनों डूबने लगे। शुरुआत में भरत व संदीप ने उनको बचाने का प्रयास किया लेकिन वह नाकाम रहे। जिसके बाद वह दोनों बाहर आ गए। मगर अभिषेक सोनी व अभिषेक सिंह डूब गए। गोताखोरों ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद एक-एक कर दोनों शव बरामद किए बुधवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उसके बाद परिजनों को सौंपा जाएगा।

डूबता देख भाग निकले नाविक, नहीं की किसी ने मदद

चारों दोस्त नाव से बीच गंगा में पहुंचे थे। अन्य कई नाविक वहां पर मौजूद थे। जब अभिषेक सिंह व अभिषेक सोनी डूबने लगे तो ये नाविक उनको बचाने के बजाए वहां से भाग निकले। जब पुलिस पहुंची तो कोई भी नाविक मौजूद नहीं था। जिस तरह से नाविक लोगों को गंगा की सैर कराते हैं वह अवैध है। पुलिस अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी में है।

सूचना पर सबसे पहले ग्वालटोली पुलिस मौके पर पहुंची

थानेदार धनंजय सिंह ने बगैर किसी देरी के तत्काल स्टीमर मंगवाया। गोताखोर के पहुंचने से पहले ही वह खुद उनकी तलाश में जुट गए। एक शव वह व उनकी टीम ने खोज निकाला। उसके बाद गोताखोर आए और दूसरा शव बरामद किया।

सहम गए दोस्त, बोल तक नहीं पाए

हादसे की वजह से संदीप और भरत सहम गए। उनसे बातचीत करने का प्रयास किया गया तो काफी देर तक वह कुछ बोल नहीं सके। दो दोस्तों की जान चली जाने की वजह से वह सदमे में थे। बाद में उन्होंने बताया कि गंगा नहाने का प्लान बनाया था। इसलिए सभी एक साथ पहुंचे थे। पता नहीं था ऐसा हो जाएगा।

आखिर क्या जरूरत थी नहाने की

अभिषेक सिंह के पिता धर्मेंद्र कुमार व अभिषेक सोनी के पिता राजेश सोनी समेत अन्य परिवार वाले मौके पर पहुंचे। हर तरफ चीख-पुकार और चीत्कार मची हुई थी। सभी बार-बार यही कह रहे थे कि आखिर गंगा में जाकर नहाने की क्या जरूरत थी। वह भी बीच गंगा में। सभी अफसोस व गम में डूबे हुए थे।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular