कानपुर बगाही निवासी मोनू शादी समारोह में वेटर का काम करता था. परिवार में मां शिवदेवी, भाई सोनू, दो बहनें हैं. मां ने बताया कि मोनू का क्षेत्र की एक युवती से प्रेम प्रसंग था.इसी वजह से युवती का परिवार बेटे से खुन्नस रखता था. आरोप है कि सोमवार को युवती के घरवालों ने पुलिस बुलवाकर बेटे को पकड़वा दिया. दो सिपाही बेटे को गाड़ी में बैठाकर जबरन अपने साथ ले गए और उसे बेरहमी से पीटने के बाद छोड़ा था. शाम को बेटा घर आया तो उसने पुलिस की बर्बरता बताई. उसने बताया कि सिपाहियों ने उसे बहुत पीटा है.
सिपाहियों के पीटने से रात को बिगड़ी तबीयत
शिवदेवी ने बताया कि रात में ही बेटे की तबीयत बिगड़ गई थी. रात की वजह से उसे डॉक्टर के यहां नहीं ले गए. रात भर बेटा दर्द से तड़पता रहा. सुबह उसने दम तोड़ दिया. इससे गुस्साए परिजन मोहल्ले वालों के साथ शव लेकर बाबाकुटी चौराहे पर पहुंचे और जाम लगाकर हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की.
चार घंटे चलता रहा हंगामा मौके पर एडीसीपी मनीषचंद्र सोनकर
एसीपी बाबूपुरवा आलोक ङ्क्षसह, थाना प्रभारी प्रदीप कुमार और कई थानों का फोर्स पहुंच गया. करीब चार घंटे बाद पुलिस जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत करा पाई. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका.
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी हुई
मोनू वर्मा के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया. जिसमें बिधनू के डॉ. अवधेश ओमर, ट्रामा सेंटर के डॉ. आशीष कटियार और पतारा के डॉ. अभिषेक कटियार मौजूद थे. पूरे पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मोनू के शरीर पर आधा दर्जन से ज्यादा चोट के निशान हैैं. रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टरों को मौत की वजह नहीं मिली है, इस वजह से विसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है.
*आलोक सिंह एसीपी बाबूपुरवा*
बगाही में एक युवक की मृत्यु हो गई है. उसकी मां ने दो अज्ञात सिपाहियों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है. रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. अगर किसी पुलिसकर्मी की भी संलिप्तता मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी