कानपुर में लोगों के बीच अक्सर चर्चा रहती है कि आरटीओ विभाग में रुपयों के दम पर सब कुछ कार्य संभव है, हालांकि यहां पर भ्रष्टाचार रोकने के अक्सर प्रयास भी किये जाते हैं लेकिन उनमें अधिक दम नहीं रहता इसी के चलते एक बार फिर कानपुर आरटीओ में भ्रष्टाचार देखने को मिला अबकी बार एआरटीओ का खेल सामने आया जिसमें एआरटीओ अधिकारी इंदौर में खड़े ट्रक का रजिस्ट्रेशन कर बैठे।
अधिकारी एक दूसरे की ओर बगले झांकने लगे
कानपुर का आरटीओ विभाग इतना ज्यादा हाईटेक हो गया है कि आप कल्पना नहीं कर सकते। दर असल एक चौदह चक्का ट्रक इंदौर के देवास में खड़ा था और कानपुर के एआरटीओ ने कानपुर में बैठे बैठे उसका रजिस्ट्रेशन कर दिया कानपुर में बैठकर इंदौर में खड़े ट्रक के रजिस्ट्रेशन के मामले का जब खुलासा हुआ तो आरटीओ प्रशासन सहित सभी अधिकारी एक दूसरे की ओर बगले झांकने लगे सूत्रों की मानें तो इसमें एआरटीओ के साथ आरआई भी शामिल हैं और उन्होंने फिटनेस सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया।
एआरटीओ को अधिकार भी नहीं है वाहन को सीन करने का
बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के देवास में परवेज नाम के व्यक्ति का एक चौदह चक्का ट्रक खड़ा है। ट्रक की बॉडी अभी बन रही थी और ट्रक का रजिस्ट्रेशन भी नहीं था लेकिन आरटीओ विभाग के क्रांतिकारी एआरटीओ प्रशासन ने कानपुर में बैठे बैठे इंदौर में खड़े ट्रक का राजिस्ट्रेशन कर दिया, जबकि एआरटीओ को अधिकार भी नहीं है वाहन को सीन करने का।
कमेटी बन गयी है क्या जांच सही से शुरू हो पाएगी
सूत्रों की मानें तो आरोपों से घिरे एआरटीओ ने आरआई पर ठीकरा फोड़ते हुये जांच कराकर कार्रवाई की बात कही है। वहीं भ्रष्टाचार में घिरे आरआई बचते हुए कहा कि लापरवाही एआरटीओ की तरफ से हुई होगी उनकी कोई गलती नहीं है। उन्होंने बातों ही बातों में माना कि हो सकता है कि ट्रक कोई और लाया हो और नंबर कुछ लिखा हो इस वजह से यह गलती हो गयी होगी लेकिन उनका कोई लेना देना नहीं है। किसी भी गाड़ी के आरटीओ आफिस में आने के बाद एंट्री करने के बाद फाइल एआरटीओ के पास भेज दी जाती है। गड़बड़ी उन्ही के स्तर पर हुई होगी। वहीं, आरआई ने बताया कि कमेटी बन गयी और जांच शुरू हो चुकी है।