कानपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंसूबों पर पानी फेरने का काम कर रही है बर्रा पुलिस जहां एक ओर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश में कानून राज कायम करने की बात कही जा रही है तो वही बर्रा पुलिस द्वारा अपराधियों पर लगाम लगाने की जगह पीड़ित पर समझौते का दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है । बताते चलें कानपुर के तेजतर्रार पुलिस कमिश्नर जहां एक ओर जिले के अपराधियों की कमर तोड़ने में लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर बर्रा पुलिस अपराधियों को बढ़ावा देने का काम कर रही है
पीड़ित की माने तो अपराधियों की पैरवी में लगे कई लोग
बर्रा क्षेत्र के जे ब्लॉक स्थित विवेकानंद पब्लिक स्कूल से बीते सोमवार को कुछ अपराधिक किस्म के युवकों द्वारा एक दसवीं के छात्र को अगवा कर उसके साथ मारपीट की गई थी । हालाकि युवक ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह उन अपराधियों के चंगुल से निकलकर घटना की सूचना अपने परिजनों को दी घटना की सूचना मिलते ही परिजनों द्वारा बर्रा थाने में लिखित शिकायत भी की गई पर पीड़ित की माने तो बर्रा पुलिस ने पीड़ित की बात सुनने की जगह उल्टा पीड़ित को ही दबाना शुरू कर दिया और समझौते का दबाव पुलिस द्वारा बनाया जाने लगा पीड़ित ने बताया कि जब से उसने तहरीर दी है तब से उसको कभी चौकी तो कभी थाने बुलाकर डराया और धमकाया जा रहा है पर अभी तक उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई । जानकारों का कहना है
पुलिस द्वारा बनाया जा रहा पीड़ित पर समझौते का दबाव
पुलिस की इस कार्यशैली से अपराधियों के हौसले और भी बुलंद हो रहे हैं जिससे क्षेत्र में क्राइम बढ़ने की संभावनाएं और भी बड़ जाती हैं । पीड़ित की माने तो जिस जगह से उसका अपहरण किया गया उस जगह कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं पर पुलिस द्वारा अभी तक किसी भी कैमरे से सीसीटीवी फुटेज कलेक्ट नहीं की गई । एक बार फिर बर्रा पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ रही है जहां एक ओर कानपुर पुलिस द्वारा एक के बाद एक मामलों का पर्दाफाश किया जा रहा है तो वही बर्रा पुलिस द्वारा दसवीं के छात्र के अगवा करने के मामले को दबाया जा रहा है ।