कानपुर 21 दिसंबर 2022 शहर में इन दिनों खुलेआम चल रहे सट्टा कारोबार पर अंकुश न लगने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। शहर की घनी बस्तियों में कई स्थानों पर चन्द पुलिसकर्मियों के संरक्षण में धडल्ले से चलाये जा रहे इस धन्धे से कई परिवार तबाह हो चुके हैं। सट्टे के कारोबारी इतने बेखौफ और दबंग हैं कि उनको न तो पुलिस का डर का है न ही मीडिया का बेखौफ होकर दबंग वीरू अपने साथियों के साथ मिलकर काकादेव क्षेत्र में सट्टा जोरों से करा रहा है गरीबों की कमाई पर डाका सट्टा माफिया कैसे डाल रहे हैं ताजा मामला काकादेव थाना क्षेत्र का है सूत्रों के अनुसार यहां के छपेड़ा पुलिया चौराहा , शास्त्री नगर, और विजय नगर, क्षेत्रों में धड़ल्ले से सट्टा कारोबार चलाया जा रहा है बीते साल तत्कालीन एसएचओ काकादेव ने छापेमारी करके यहां के सभी सट्टा कारोबारियों की हालत पतली कर दी थी पर आरोपों के अनुसार आजकल स्थानीय थाने के लचर रवैये के चलते इलाके में सट्टा माफियाओं वीरु के हौसले बुलंद हैं वीरू छपेड़ा पुलिया चौराहे पर बैठकर गरीब और सब्जी ठेले वालों को पैसे का मोटा लालच देकर सट्टे के कारोबार में ढकेलता जा रहे हैं गरीबों की कमाई को सट्टा माफिया डकार रहे लेकिन पुलिस है कि कार्रवाई करने के वजह चुप्पी साध कर बैठी हुई है
सट्टा संचालक वीरू के रसूख के आगे आखिर क्यों नतमस्तक है खाकी
काकादेव के निवासी शर्मा ने हमारे संवाददाता को बताया कि क्षेत्र में सट्टा माफिया खुले आम सट्टा एवं जुये का व्यापार चला रहे हैं स्थानीय जनता ने इसकी शिकायत कई बार काकादेव थाने में की लेकिन पुलिस सट्टे बाजों को पकड़ने में नाकाम है श्री शर्मा ने यह भी कहा कि विरोध करने पर ये लोग मारपीट और गाली गलौज पर उतारू हो जाते हैं श्री शर्मा जी ने यह भी कहा कि दो दिन पहले सट्टा संचालक वीरू और उसके साथी को सट्टे की पर्ची के साथ काकादेव पुलिस ने पकड़ा था लेकिन मैनेजमेंट के दम पर उसको छोड़ दिया गया सूत्रो की माने तो ऊपर बैठे वीरू का आका सबको मैनेज करता है और वीरू खुलेआम क्षेत्र में गरीबों को लूटने का काम कर रहा है सट्टा कारोबार से ना जाने कितने घर बर्बाद हो गए लेकिन पुलिस है कि इस सट्टा माफिया को पकड़ने में असफल है आखिर क्यों उच्च अधिकारी ऐसे सट्टा माफियाओं पर शिकंजा नहीं कस पा रहे जिससे जनता में भय का माहौल व्याप्त है
पुलिस की खामोशी की वजह से सट्टे का कारोबार फल-फूल रहा है
स्थानीय जनता की माने तो इन सट्टा माफियाओं को प्रशासन का कोई डर नहीं है कई अखबारों में इस प्रकरण से जुड़ी खबरें चलने एवं छापे पड़ने के बावजूद छपेड़ा पुलिया चौराहा , शास्त्री नगर एवं विजय नगर में अभी भी खुले आम सट्टा चल रहा है आरोप तो ये भी लग रहे हैं कि सट्टा कारोबारियों से कुछ स्थानीय पुलिसकर्मियों की साठ-गांठ होने के कारण पुलिस इन पर कार्यवाही करने में कतराती है काकादेव पुलिस की नाक के नीचे एक बार फिर खुलेआम सट्टे का कारोबार चल निकला है। पहले कभी कभार पुलिस दो-चार छोटे एजेंट को पकड़ कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब सट्टेबाजों के कारनामों को जानने के बाद भी स्थानीय पुलिस और आला अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, यही वजह है कि यह कारोबार पुनः फल फूल रहा है कहते हैं कि पुलिसवाले अगर चाह ले तो उनके इलाके में परिंदा भी पर नहीं मार सकता, अपराध करना तो दूर की बात है। एैसा नहीं है कि सारे पुलिस वाले बेईमान हैं, बहुत से ईमानदार भी हैं और उन्हीं के सहारे ये देश चल रहा है। पर अगर ईमानदारों का प्रतिशत थोड़ा सा और बढ जाये तो ये देश दौडने लगेगा



